भूमिका
अकाउंटिंग (लेखा-जोखा) एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें वित्तीय लेन-देन का प्रबंधन किया जाता है। यदि आपको संख्याओं के साथ काम करने और वित्तीय विश्लेषण करने में रुचि है, तो अकाउंटिंग फील्ड आपके लिए एक बेहतरीन करियर विकल्प हो सकता है।
अकाउंटिंग क्या है?
अकाउंटिंग वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा कंपनियां, संगठन और व्यक्ति अपने वित्तीय लेन-देन को रिकॉर्ड, विश्लेषण और रिपोर्ट करते हैं। इसके अंतर्गत आय, व्यय, संपत्तियाँ, देनदारियाँ और करों का प्रबंधन किया जाता है।

अकाउंटिंग में करियर के अवसर
अकाउंटिंग क्षेत्र में कई प्रकार के करियर विकल्प उपलब्ध हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख निम्नलिखित हैं:
- चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA)
- यह भारत में सबसे प्रतिष्ठित अकाउंटिंग करियर में से एक है।
- इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) द्वारा संचालित परीक्षा को पास करना होता है।
- कास्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटेंट (CMA)
- यह वित्तीय योजना और लागत प्रबंधन में विशेषज्ञता प्राप्त करने का अवसर देता है।
- इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICMAI) द्वारा प्रमाणित किया जाता है।
- कंपनी सेक्रेटरी (CS)
- यह कानूनी अनुपालन और कॉर्पोरेट गवर्नेंस में विशेषज्ञता प्रदान करता है।
- इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (ICSI) द्वारा संचालित परीक्षा उत्तीर्ण करनी होती है।
- अकाउंटेंट
- विभिन्न कंपनियों और संगठनों में सामान्य अकाउंटिंग कार्य करने के लिए स्नातक स्तर की योग्यता पर्याप्त होती है।
- ऑडिटर
- कंपनियों और संगठनों के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच करने का कार्य करता है।
- CA और अन्य प्रमाणपत्रों की आवश्यकता हो सकती है।

अकाउंटिंग फील्ड में करियर कैसे शुरू करें?
1. शैक्षिक योग्यता
- कॉमर्स स्ट्रीम चुनें: यदि आप 12वीं कक्षा में हैं तो कॉमर्स स्ट्रीम चुनना सबसे अच्छा विकल्प होगा।
- स्नातक करें: B.Com (बैचलर ऑफ कॉमर्स) या BBA (बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन) जैसे कोर्स करें।
- विशेषज्ञता हासिल करें: CA, CMA, CS जैसी प्रोफेशनल परीक्षाओं की तैयारी करें।
2. प्रोफेशनल कोर्स करें
- CA के लिए: ICAI द्वारा आयोजित तीन स्तरों (Foundation, Intermediate, Final) की परीक्षा पास करें।
- CMA के लिए: ICMAI के कोर्स में दाखिला लें।
- CS के लिए: ICSI द्वारा आयोजित परीक्षाओं को पास करें।
3. इंटर्नशिप और अनुभव प्राप्त करें
- किसी कंपनी में इंटर्नशिप करें जिससे आपको व्यावहारिक अनुभव मिल सके।
- CA और CMA कोर्स के लिए आर्टिकलशिप अनिवार्य होती है।
4. सर्टिफिकेशन और एडवांस कोर्स करें
- Tally, SAP, GST, MS Excel जैसी अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर का ज्ञान प्राप्त करें।
- फाइनेंशियल मैनेजमेंट, इन्वेस्टमेंट बैंकिंग, टैक्सेशन आदि में डिप्लोमा कर सकते हैं।
करियर ग्रोथ और सैलरी
अकाउंटिंग में करियर ग्रोथ काफी अच्छी होती है। एक फ्रेशर अकाउंटेंट की सैलरी 3-6 लाख रुपये प्रतिवर्ष हो सकती है, जबकि अनुभवी CA, CMA, और CS की सैलरी 10-50 लाख रुपये प्रतिवर्ष तक जा सकती है।
निष्कर्ष
यदि आप एक स्थिर और आकर्षक करियर चाहते हैं, तो अकाउंटिंग फील्ड में करियर बनाना एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। सही शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुभव के साथ, आप इस क्षेत्र में उच्च स्थान प्राप्त कर सकते हैं।